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ऊपर सिक्स लेन रोड, नीचे फोर लेन रेल लाइन, गंगा में बनेगा सबसे हाईटेक ब्रिज, पश्चिम बं...

ऊपर सिक्स लेन रोड, नीचे फोर लेन रेल लाइन, गंगा में बनेगा सबसे हाईटेक ब्रिज, पश्चिम बं...
तस्वीर: News18 Hindi

Varanasi Namo Bridge:उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा की लहरों पर डबल डेकर ब्रिज का निर्माण काम जारी है. सिक्स लेन चौड़ी सड़क वाले इस ब्रिज के तैयार होने के बाद वाराणसी से पश्चिम बंगाल तक का सफर आसान होगा. डबल डेकर इस ब्रिज के निर्माण पर करीब 2642 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस ब्रिज का निर्माण 100 वर्षो की जरूरतों को देखकर किया जा रहा है.

गंगा में बने मालवीय ब्रिज के बगल में यह ब्रिज बनेगा. पहले इस ब्रिज को सिग्नेचर ब्रिज कहा जा रहा था. लेकिन अब यह साफ हो गया है कि गंगा में बन रहे इस ब्रिज को नमो ब्रिज के नाम से जाना जाएगा. पुराने मालवीय ब्रिज से 50 मीटर दूर इस ब्रिज का निर्माण होगा. इस ब्रिज से रेल और सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी.

इस नमो ब्रिज के नीचे रेल लाईन और ऊपर सिक्स लेन सड़क होगी. साल 2018 में इसे बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ था. फिर इसकी डीपीआर बना और उसके बाद मोदी कैबिनेट ने इसपर मुहर लगाई. अब इस ब्रिज का निर्माण काम तेजी से जारी है. उत्तर रेलवे को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है. गंगा में बनने वाला यह नया ब्रिज कैसा होगा इसका पूरा मॉडल भी सामने आ गया है.

गंगा में बन रहे इस ब्रिज का फायदा वाराणसी और चंदौली के साथ बिहार और पश्चिम बंगाल को भी मिलेगा. इसके निर्माण के बाद सड़क मार्ग से भी लोग आसानी से पश्चिम बंगाल तक का सफर करेंगे वहीं रेल कनेक्टिविटी भी बेहतर और मजबूत होगी.क्योंकि इस ब्रिज के नीचे 4 रेल लाइन ट्रैक भी होगा.

गंगा में बन रहें नमो ब्रिज की लंबाई 1 किलोमीटर के करीब होगी.गंगा पर बन रहा यह ब्रिज अब तक का सबसे चौड़ा ब्रिज होगा. सुरक्षा और आधुनिकता के हिसाब से भी इस ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है.यह ब्रिज हूबहू मालवीय ब्रिज जैसा ही होगा. इस ब्रिज के रेलवे लाइन भी हाईटेक सुविधाओं से लैस होंगे. जिसमें ऑटोमेटिक सिग्नल के साथ कई अन्य सुविधाएं भी होंगी.

साल 2028 तक इसके निर्माण का काम पूरा हो सकता है. पिछले दिनों वाराणसी आए केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने भी इसकी प्रगति रिपोर्ट जानी है.इसके साथ ही उन्होंने इसके निर्माण का स्थलीय निरीक्षण भी किया है.इस दौरान उन्होंने कहा कि भविष्य के 100 साल की जरूरतों को देखते हुए इस ब्रिज का निर्माण हो रहा है.

इस ब्रिज के निर्माण के बाद रेलवे के सबसे व्यस्त रुट पर रेलों का संचालन भी सुगम होगा.वाराणसी रेलवे स्टेशन भारतीय रेलवे का भी अहम केंद्र है. जो कई प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ता है. ऐसे में इस ब्रिज के निर्माण के बाद माल गाड़ियों से कोयला, सीमेंट, अनाज जैसी जरूरत की अन्य चींजों को भी आसानी से एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाया जा सकता है.

बताते चलें कि ब्रिटिश सरकार में वाराणसी में गंगा नदी पर मालवीय ब्रिज का निर्माण हुआ था. 1887 में बने मालवीय ब्रिज में ऊपर 2 लेन कि सड़क और नीचे 2 रेल लाइन है. बढ़ते समय से साथ इस रूट पर लगातार ट्रेनों का दबाब भी बढ़ता जा रहा है.इसी को ध्यान में रखकर इसका निर्माण हो रहा है.

नमो ब्रिज के निर्माण के साथ ही काशी स्टेशन के विस्तार का काम भी जारी है. आने वाले समय में काशी स्टेशन भी देश के मॉडल स्टेशन में से एक होगा. इस स्टेशन पर भी गाड़ियों की कनेक्टिविटी को बढ़ाने का काम रेलवे के द्वारा किया जा रहा है.

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First Published :

November 02, 2026, 08:17 IST

स्रोत: यह सामग्री News18 Hindi द्वारा प्रकाशित की गई थी — पूरा श्रेय मूल प्रकाशक का है।
मूल लिंक: https://hindi.news18.com/photogallery/uttar-pradesh/varanasi-ganga-namo-bridge-project-det
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